टूटे दिल की शायरी

टूटे दिल की शायरी एक ऐसा विषय है जिसकी जरूरत किसी को कभी भी पड़ सकती है। किसी शायर ने कहा है-

दिल लगाने से दिल टूटने तक का सफर।
कुछ कह नहीं सकता हाल-ए-जिगर।।

लेकिन फिर भी शायरों ने इसे अपने शब्दों में बयां करने की कोशिश की है। इसी से सम्बंधित कुछ टूटे दिल की शायरी हम इस संकलन में पेश कर रहे हैं।

मेरी जिन्दगी का अजब रंग है।
जीने का मेरा भी गजब ढंग है।।
जिसे भी अपना समझा वो छोड़ गया।
जिससे थी उम्मीद वो दिल तोड़ गया।।

मिलकर गैरों से मेरी जान जुल्म ढाना छोड़ दो।
दिल वालों के दिलों पर खंजर चलाना छोड़ दो।।

लोहे की शमशीर से बढ़कर है तेरी नजरों का तीर।
खाके तीर नजर का कितनों ने छोड़ी अपनी जागीर।।

शायद अपनी मौहब्बत खुदा को नामंजूर हो गयी।
लाख चाहते हुए भी सनम मैं तुमसे दूर हो गयी।।

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