प्यार मौहब्बत की शायरी (संग्रह)

शायरी और मौहब्बत के बीच के सम्बन्ध को एक शायर ने इस तरह बयां किया है –

शायरी बिना मौहब्बत अधूरी हो गयी।
शायरी की तो मौहब्बत पूरी हो गयी।।
कामयाब करने के लिए मौहब्बत को,
शायरी सबसे ज्यादा जरूरी हो गयी।।

शायरी प्यार – मौहब्बत में कितना अहम रोल निभाती है, इस बात का अन्दाजा आपको होगा ही। और यदि नहीं है तो ऊपर वाले शेर को पढ़कर समझ गए होंगे। प्यार की शायरी के बारे में तो यहाँ तक कहा जाता है कि शायरी में प्यार ही नहीं तो शायरी किस काम की। अतः शायरी वैसे तो कई तरह की  होती है जैसे – गम भरी शायरी, हास्य शायरी आदि। लेकिन शायरी का जो मूल है वह प्यार मौहब्बत की शायरी या लव (Love) शायरी ही है। इसीलिए प्यार की शायरी सबसे ज्यादा लिखी जाती है और पढ़ी जाती है।

अपने पाठकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए हम प्यार भरी शायरी का यह संग्रह पेश कर रहे हैं। हर-एक लव शायरी अपने आप में पूर्ण है और जज्बातों को बयां करने में सक्षम है। पढ़िए –

इबादत की तरह यह काम करता हूँ।
मैं रोजाना सबको सलाम करता हूँ।।
जिसके प्यार ने सँवार दिया मुझे ,
मैं ये जिंदगी उनके नाम करता हूँ।।

प्यार के नग्मे और मौहब्बत के तराने।
अरमान से आया हूँ इन्हें तुझको सुनाने।।

अपनी पलकों पे हमने बिठाया है उसे।
बड़ी दुआओं के बाद हमने पाया है उसे।।
इतनी आसानी से नहीं मिली है वह,
मुद्दतों के बाद हमने पाया है उसे।।

आपकी खातिर जमाने से लड़ता रहूँगा।
अवारा होकर प्यार तुमसे करता रहूँगा।।

आज का दिन बहुत ख़ास होगा।
प्यार के देवता का धरती पर वास होगा।।
क्योंकि आज किसी की बेवफाई का नहीं,
हर किसी को प्यार का अहसास होगा।।

दोस्ती की शायरी

मेरे चेहरे पर टकटकी लगाए बैठे हैं।
अपने हाथों में मेरा दिल दबाए बैठे हैं।।
हमें भी कुछ महसूस कराने के लिए,
हाथों में वो मेहंदी लगाए बैठे हैं।।

मरना जिनको अच्छा लगता जीना जिनको भारी।
बड़े अनोखे इस दुनिया में होते प्रेम पुजारी।।

प्यार भरी शायरी का यह संग्रह पूरा पढ़ें। निश्चित रूप से आपको बहुत आनंद आएगा क्योंकि इस संग्रह में हर एक लव शायरी (love shayari) अलग – अलग नजरिये की है।

रखा रहने दो अपने पहलू में मेरे सर को।
तुम्हें कसम है अगर सरकाओ मेरे सर को।।
सुहाता नहीं तो कलम कर दो मेरे सर को।
मजा तो इसमें है न हम सरकें न तुम सरको।।

गुस्से से न देखो मुझे, दिल मेरा डरने लगता है।
दूर न जाओ मेरी नजरों से दिल आँहें भरने लगता है।।

हास्य शायरी

चाँद सितारों से मुझे क्या लेना।
तुम्हारे सिवा बहारों से क्या लेना।।
बसी रहे तेरी सूरत मेरे दिल में,
मुझे जन्नत के नजारों से क्या लेना।।

जब तक दिल में प्यार है मिलेंगे हर बहाने से।
चाहत है तुम्हारी हमें क्या लेना ज़माने से।।

हमारे प्यार का काजल अपनी आँखों में लगा ले।
हमारे दिल में बस जा या हमें अपने दिल में बसा ले।।
किस तरह का सुकून मिलेगा हमसे प्यार करने पर,
आजमाने के लिए एक बार आँख तो मिला ले।।

प्यार – मौहब्बत की शायरी का यह संग्रह पढ़कर हमें अपने विचार या प्रतिक्रिया कमेंट में लिखकर जरूर बताएँ।

मेरा दिल तेरा दीवाना हमेशा रखता तेरी सूरत है।
मेरी आँखों में जरा गौर से देखो, बसी हुई तेरी मूरत है।।

ऐ खत, पहले जाकर अदब से मेरा सलाम कहना।
फिर मीठी जुबां बनकर खुशी का पैगाम देना।।
मेरे सब ख्याल मैंने बता दिए हैं तुझको,
उनके दर पर जाकर मेरे हाल तमाम कहना।।

रवैया (Attitude) शायरी

तेरे हुस्न की अदा ने मुझे पागल बनाया है।
तुझे देखा तो सोचा जमीं पर चाँद आया है।

जब रूठ जाएँ सब तुमसे तो हमसे बात कर लेना।
जब मुँह मोड़ लें सब तो मुलाकात कर लेना।।
हम भी रहते हैं आपके दिल के किसी कोने में,
जरूरत पड़े तो अपने ही दिल में तलाश कर लेना।।

प्यार भरी शायरी की मांग करने वाले पाठकों की सेवा में हमने यह संकलन पेश किया है। आशा है कि हम उनकी उम्मीदों पर खरे उतरे होंगे।

आपकी शान देखने को हम खिड़की खोल देते हैं।
आपकी मौहब्बत में न जाने क्या – क्या बोल देते हैं।।
तुम्हारे प्यार में न रहा होश नफा – नुकसान का,
चुन लेते हैं काँटे, फूलों को छोड़ देते हैं।।

रहता है तेरा नाम दिल की जुबां पर।
एक चाँद तू जमीं पर एक आसमां पर।।

इश्क शायरी

जिंदगी के राज, राज रहने दीजिए।
जो भी हो एतराज उसे भी रहने दीजिए।।
पर जब भी हमारा दिल चाहे आपसे मिलना,
ये मत कहना कि आज रहने दीजिए।।

मेरे वीरान गुलशन की बहार हो तुम ।
मेरी मौहब्बत का औजार हो तुम।।

खुश होकर दिल कह रहा है बार-बार।
कि तुम चले जाना हम करेंगे इंतजार।।
खुशी हमें होगी आप जो हमारी चाहत निभाएंगे,
बजाए फूलों के राहों में हम पलकें बिछाएँगे।।

दो लाइन शायरी और चार लाइन शायरी, दोनों तरह की शायरी को मिलाकर लव या प्यार शायरी का यह संकलन तैयार किया गया है। 

जब से मिली तेरे दिल की खाक, चन्दन का लगाना छोड़ दिया।
तुझे न छोड़ा तेरे प्यार में सारा जमाना छोड़ दिया।।

जिसने प्यार नहीं तोड़ा अपना दम भी तोड़कर।
रोशन किया प्यार सच्चा नाता जोड़कर।।
प्यार का नाम बदनाम किया उन्होंने,
जो प्रेम नहीं छोड़ते प्रेमी को छोड़कर।।

दर्द भरी शायरी

नजर मिलाकर अदा से मुस्कुराती हो।
बड़ी चोर हो दिन दहाड़े में दिल चुराती हो।।

आशिकों को सताना जो सच पूछिए, एक तरह से मौहब्बत का इजहार है।
लाख तुमसे छुपाने की कोशिश करें, प्यार छुपता नहीं प्यार तो प्यार है।।
उनकी मौहब्बत पर दिल से मुझे, खुदा कसम इतना ऐतबार है।
उनकी सारी अदाएँ समझता हूँ मैं, लबों पे इंकार है दिल में इकरार है।।

मौहब्बत चाहत के सिवा कुछ भी नहीं।
जिंदगी गम के सिवा कुछ भी नहीं।।
आपके पास मेरे सिवा सब कुछ है,
मेरे पास आपके सिवा कुछ भी नहीं।।

दिन बनकर तुम आना मैं रात बनकर आऊँगी।
आँखों में आँखें डालकर दिल का किस्सा सुनाऊँगी।।

तमाम ख्वाब देखे एक और देखना है।
कभी रूबरू होंगे जब जी भरके देखना है।।
हम तो हँसते-मुस्कुराते जी रहे हैं,
बस इसी दीवानगी का असर देखना है।।

गीत को संगीत मिल जाए और क्या चाहिए।
मुझे आपका प्यार मिल जाए और क्या चाहिए।।

जो तू सपनों में आए जगाए कोई ना।
तू जो मिले सोच में बुलाए कोई ना।
तेरे ही ख्यालों की मिले जो सजा हमें,
हो जाए उम्रकैद छुड़ाए कोई ना।।

हमने की इबादत तो पत्थर दिल पिघल गया
हमने की मौहब्बत तो बेदर्द जमाना जल गया।।

जब निगाहों की होती है तकरार।
दिल से प्यार का होता है इंतजार।।
फिर तो चमन की बात ही क्या है जनाब,
तब तो पतझड़ में भी आ जाती है बहार।।

तेरे प्यार का पाकर सहारा भूल गया जमाने को।
सदियों तक याद करेगा ज़माना तेरे – मेरे फ़साने को।।

मरती हैं मछलियाँ पानी सूखने पर।
मर जाएँगे हम तुम्हारी साँस रुकने पर।।
जीवन हमारा हो जाएगा सफल,
तुम्हारे हाथ में हाथ रखने पर।।

दुनिया रूठी तो क्या हुआ साथ मैं तेरे रहूँगा।
शोलों पर भी चलना पड़े तो साथ मैं तेरे चलूँगा।।

प्यार निभाने के लिए संसार त्यागना पड़ता है।
खुद को मारकर भी प्यार बचाना पड़ता है।
बनने के लिए किसी का सच्चा वफादार,
कई बार खुद से भी बेवफा होना पड़ता है।

मुसाफिर को अपनी मंजिल के सिवा और क्या चाहिए।
मुझको तेरे प्यार के सिवा और क्या चाहिए।।

वही कर सकता है प्यार मेरे प्यार से।
प्यार के लिए जो मिट जाए संसार से।
खुशी के वक्त पर मेरे प्यार को,
कम न समझे किसी उपहार से।।

न मिलता हूँ तुमसे तो मरती हो क्यूँ।
जब मिलता हूँ तुमसे से तो डरती हो क्यूँ।।

दिल को लगा कि किसी से दिल लगा है।
मेरे ही लिए मुझसे किसी ने किया दगा है।।
लगाया जिसने अपने दिल से मेरे दिल को,
वही है मेहरबां वही मेरा सगा है।।

खुदा से ज्यादा तेरा ऐतबार करूँगा।
खुद से ज्यादा तुझसे प्यार करूँगा।।

झुकता है जमाना शक्ति के सामने।
शक्ति को झुकाया हमारे सलाम ने।।
प्यार से भरा था सलाम हमारा,
हार मानी प्यार से दुनिया तमाम ने।।

बागों में फूल खिलते हैं गले का हार बनने को।
सुहाना मौसम कह रहा है तुमसे प्यार करने को।।

आती है जब मुझ पर तबाही।
होती है जब खुदा की खुदाई।।
मुलती है मुझे रुसवाई में,
तेरी मौहब्बत की दवाई।।

तेरे मेरे प्यार में नजर की नजाकत चाहिए।
जब मिलन की रात हो तब शराफत चाहिए।।

दिल सूना रहता है किसी को दिल दिए बिना।
शब्र नहीं होता किसी का दिल लिए बिना।
लेन – देन की आदत सी हो गई है क्योंकि,
प्यार होता ही नहीं, दिल से इजहार के बिना।।

तेरे प्यार ने मुझे इस तरह जकड़ लिया है।
जैसे चन्दन के पेड़ को साँपों ने पकड़ लिया है।।

प्यार के मरीज को प्यार होता है प्यार से।
मुँह धोना पड़ता है आंसुओं की धार से।।
दर्द होता है दिल में विरह की मार से।
फिर भी प्यार का जवाब देते हैं प्यार से।।

खुदा जब पूछेगा मुझे, तुमसे मौहब्बत कितनी है।
दिल चीरकर दिखा दूँगा की मजनू जितनी है।।

करता है जमाना उनकी बड़ाई।
जिन्होंने सदा मुहब्बत निभाई।।
बना था दुश्मन उनका जमाना,
प्यार में जिनको मिली थी रुसवाई।।

बैठी रहो मेरे सामने तुम्हें प्यार करता रहूँगा।
डालके आँखों में आँखें जी भरके देखता रहूँगा।।

ठोकर जिन्होंने दर-दर की खाई।
प्यार में जिन्हें मिली थी तबाही।
धन्य कहता है जमाना अब उनको,
जिन्होंने हर मोड़ पर मुहब्बत निभाई।।

खूने जिगर में डुबो कर कलम जब मैं शेर लिखता हूँ।
अक्षर भी नाच उठते हैं जब मैं तेरा नाम लिखता हूँ।।

लाख पर्दों में तुम्हें किसी ने छुपाकर रखा है।
तुमने भी एक राज छुपाकर रखा है।।
ऐ छुपाने वाले यह भी छुपाकर रखना कि,
हमने तुम्हें अपने दिल में छुपाकर रखा है।।

देखते ही तुमको मेरे दिल ने ये कहा।
तू इतना गम न कर, कोई तेरा भी है यहाँ।।

तमन्नाओं में भी आपको याद करेंगे।
आपकी हर बात पर एतबार करेंगे।।
आपसे नहीं कहेंगे कि गम में भी मुस्कुराइए,
लेकिन आपके मुस्कुराने का इंतजार करेंगे।।

मेरे सनम, मैं तेरे प्रेम पत्र को करती हूँ स्वीकार।
मेरे हुस्न जवानी पर सिर्फ तेरा ही अधिकार।।

फूलों की तरह हँसो तो हम खुश हैं।
मौसम की तरह मुस्कुराओ तो हम खुश हैं।।
नहीं कह सकते कि मिलो कभी हमसे,
याद कर लिया करो तो भी हम खुश हैं।।

न जाने किस किस के दिल में तस्वीर बनके रहोगी।
न जाने किस किस की गर्दन पर शमशीर बनके चलोगी।।

जब से तुमको देखा रातें पूनम की झील हुई।
फूलों की वादी गुलाब सी मुस्कानें अंजील हुई।।
चाँद-चकोर, हिरन-मोर का प्यार हो गया कंचन जैसा,
धुप सुनहरी, चटक चाँदनी शिकारों की तस्वीर हुई।।

नाजुक दिल पे करोगी रानी कब तक अत्याचार।
छिपी बात दिल की कह डालो हमको तुमसे प्यार।।

प्यार के सिलसिले में हम खुद को आजमाएंगे।
दिल की जगह सीने में तेरी तस्वीर लगाएंगे।
ताकि सोच मेरी बदले न बदलते दौर में,
हर सोच से पहले तेरा नाम गुनगुनाएंगे।।

गर्मी में छाँव का और सर्दी में धूप का नजारा लीजिए।
दोस्ती का नजारा ले लिया अब प्यार का नजारा लीजिए।।

मेरी हसरत है क्या।
मेरी ख्वाहिश है क्या।।
रात दिन रहते हैं वो इसी फ़िराक में।
जान लेते हैं वो दिल की हर बात को,
कितने होशियार हैं बात ही बात में।।

जवान दिल मेरा हलचल मचाता है।
जानेमन, हर पल तुम्हें बुलाता है।।

दीवाना बनाया हमको तुम्हारी नजरों ने।
प्रेम का पाठ पढ़ाया इन कटीली नजरों ने।।
जब समां गए हम तुम्हारे प्यार में,
फिर लूट लिया हमको तुम्हारी नजरों ने।।

मेरे खिजाँ ए दिल में बहार बन के आना।
जाना है तो आने का वायदा करके जाना।।

तुझे कैसे बताऊँ मैं कैसे ढूँढ रहा हूँ।
मैं हर सितम तेरा आइना ढूँढ रहा हूँ।।
मुस्कान ले आए तेरे मायूस लबों पे,
तेरे लिए वही नजराना ढूँढ रहा हूँ।।

नजरें मिला के नजरें चुराते क्यूँ हो।
शरमाना ही है तो नजरें मिलाते क्यूँ हो।।

गम उठाऊँगा तो कुछ और सँवर जाऊँगा मैं।
तेरी जुल्फ नहीं कि खुलकर बिखर जाऊँगा मैं।।
गमे जिन्दगी में मेरे साथ चलकर तो देखो,
फूल बनकर तुम्हारी राहों में बिखर जाऊँगा मैं।।

गर राह में कोई फूल मिले उसे पैरों से न कुचलना।
मैंने प्यार किया है तुमसे मुझसे नफरत न करना।।

रह नहीं सकता मैं तुमसे जुदा।
कह नहीं सकता कभी अलविदा।
मेरे पल – पल में बसी हुई हो तुम,
जैसे कण कण में बसा है खुदा।।

तुम्हारी याद आते ही दिल बेकरार हुआ जाता है।
दूर तुमसे रहना मेरा दुश्वार हुआ जाता है।।

तुम्हारी यादों में सनम मैं ऐसे घुल जाता हूँ।
कभी – कभी तो खुदा को भी याद करना भूल जाता हूँ।।

नजरों के भी कई मायने होते हैं।
नजरों में ही प्यार के आइने होते हैं।।
मेरी नजरों में हम दोनों सजकर,
तुम हमारे बाएँ और हम तुम्हारे दाहिने होते हैं।।

शायर बन गया मैं जब कुछ भी न कर सका।
फिर बन गया मैं तेरा आशिक तो शायरी भी न कर सका।।

आँसुओं की भी नजरें होती हैं।
गम या खुशी की परें हो होती हैं।।
आँसू तो भले ही सूख जाएं,
लेकिन इनकी नजरें हरी ही होती हैं।।

मिलने के लिए हम आए तुमसे चाँदनी रात में।
क्योंकि मौहब्बत जाग उठी पहली ही मुलाकात में।।

हँसते हुए जो समय आप बिताते हैं।
उस समय को हम धन्यवाद देते हैं।।
जो समय दे मौका आपको हँसने और खुश रहने का,
वो आए बार – बार आपके जीवन में, ये हम चाहते हैं।।

चले न जाना कभी तोड़कर ये नाजुक दिल,
कुछ देर की जुदाई से ही ये उदास हो गया।

नजरें तो किसी की जान ले लेती हैं।
नजरें ही किसी को पैगाम दे देती हैं।।
वो रहस्य है इस बेतार के तार में,
दूर से ही दिल की बात जान लेती हैं।।

पता धड़कनों से चलता है हमें।
कि कोई प्यार करता है हमें।।
मैं हूँ उसकी नजर में किताबे वफ़ा,
बड़े गौर से वो बांचता है हमें।।

हम आपके दिल में रहते हैं।
तभी तो हर दर्द सहते हैं।।
आपके दिलो दिमाग में रहेगी ताजगी,
इसलिए आपकी रगों में हम खून बनकर बहते हैं।।

मुझे प्यार से देखोगी तो प्यारा लगूँगा।
महकता हुआ फूल और उजाला लगूँगा।।
मैंने तो दिल चीर के रख दिया है,
जिस पर तेरा ही नाम लिखूँगा।।

न जाने क्या कर दिया है आपने हमपे जादू।
ये दिल तो जैसे हो गया है बेकाबू।।
न जाने पहले तो क्या अनजान सा था दिल में,
पर रहती है आपके मौहब्बत की खुशबू।।

तुम्हें सनम कहा तो कहता ही रहूँगा।
तुम्हारे लिए दुआ करता ही रहूँगा।
एक बार प्यार करके तो देखो,
प्यार का मजा देता ही रहूँगा।।

मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।
लेकिन जुदा होने से डरता हूँ।।
तुम मुझे कभी छोड़ मत देना।
दिल लगा के दिल तोड़ मत देना।।

तुम्हारी निगाह कुछ कहना चाहती है हमसे।
तुम्हारी हर धड़कन मिलना चाहती है हमसे।।
शर्म के पर्दे को जरा हटाकर तो देखो,
दूर नहीं जाएंगे एक पल भी हम तुमसे।।

दिल की आवाज हम अपनी शायरी में डुबो रहे हैं।
तेरे नाम का खंजर सीने में चुभो रहे हैं।।
तुझे क्या पता हमारे ख्यालों के बारे में,
हम तेरे ख्वाबों के करीब सो रहे हैं।।

आपकी हर बात निराली लगती है।
जैसे ससुराल में जीजे को साली लगती है।।
आप हमें कुछ पिलाएँ, ये जरूरी नहीं,
हमें तो आपकी हर बात जाम की प्याली लगती है।।

इतना सितम ढाओगी तो आँसू निकल आएँगे।
तुम रूठ गयी तो अपना हम किसे बनाएँगे।।
बहुत संभल कर चल रहा हूँ मौहब्बत की राह पर,
मना करोगी तो मेरे अरमान बिखर जाएँगे।।

ख्वाब बनकर आएँगे, सारी रात जगाएँगे।
रूठोगी हमसे फिर भी हम तुम्हें मनाएँगे।।
गम का कभी नाम न लेना हमारे जीते जी,
प्यार करूँगा खूब और तुम्हें खूब हँसाएँगे।।

नजरों की तलवार से कब तक वार करोगी।
छुप – छुप के यूँ कब तक प्यार करोगी।।
ले लोगी अपनी मदभरी आँखों से मेरी जान,
जब हम ही न रहेंगे तो किसका शिकार करोगी।।

आता हूँ मैं रोज यहाँ घूमने के लिए।
तुम्हारे प्यार के दर को चूमने के लिए।।
फूल तोड़ना और घूमना तो एक बहाना है,
आता हूँ रोजाना आपसे मिलने के लिए।।

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