जुदाई शायरी

मौहब्बत में उतार – चढ़ाव, प्यार – तकरार, मिलना – बिछुड़ना अकसर चलता रहता है। जुदा होना आशिकों को बहुत अखरता है। इसीलिये यह प्यार और शायरी के मुख्य विषयों में से एक है। जब प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे से जुदा होते हैं तो मन में बहुत सारे ख्याल आते हैं। शायरों ने जुदाई के वक्त इन ख्यालों को अपनी जुदाई शायरी में उतारा है। और हम अपने पाठकों के लिए जुदाई शायरी का या संग्रह पेश कर रहे हैं।

कहूँ भी तो क्या कहूँ, कुछ कहा नहीं जाता।
रहूँ भी तो कहाँ रहूँ, कहीं रहा नहीं जाता।।
तेरी जुदाई को आखिर कैसे सहन सहूँ,
ये वो तबाही है जिसे सहा नहीं जाता।।

सोए हुए अरमानों को आप जगाकर चले गए।
चाँदनी रात में मुझको क्यूँ तड़फाकर चले गए।।

ऐ हसीना मुझ पर इतना रहम कर दे।
दिल ये मेरा तू पत्थर कर दे।।
सह न पाऊँगा मैं तेरी जुदाई,
इसके टूटने से पहले ही मुझे दफ़न कर दे।।

न छीन लेना ये गम मुझसे जीते हैं इन्हीं के सहारे।
तुम्हारी जुदाई के बाद यही हैं साथी हमारे।।

बरसात की बूँदें हैं आँखों में नमी है।
न ऊपर आसमां है न नीचे जमीं है।।
हम कैसे मोड़ पर आ गए आज जिंदगी के,
जो सबसे ज्यादा खास है आज उसकी कमी है।।

कैसा ये मौसम है एक भी फूल नहीं खिलता।
कैसे ये दिन आए अब तेरा खत नहीं मिलता।।

ओ मेरी जान, हो मुझपे मेहरबान।
ठुकरा मत प्यार मेरा बनके शैतान।।
दुख मत दिल किसी का होके इंसान,
तू ही तो है मेरे प्यार का सामान।।

क्यूँ फेरी निगाहें तुमने दिल में प्यार जगाकर।
जीवन भर का गम दिया मुझे थोड़ा सा हँसाकर।।

मेरी हर दुआ है तुम्हारे लिए।
हर अल्फाज है तुम्हारे लिए।।
जुदा होने पर भी बहाऊँगा,
आंसुओं की बूँद तुम्हारे लिए।।

तड़फूँ जैसे जल बिन मछली बिलखूँ सारी रात।
तुम बिन लगती है ये दुनिया लाशों की बारात।।

बेवफा की शायरी

तुम्हारी जुदाई हमारे लिए सजा है।
तुम्हारी नाराजगी हमारे लिए क़ज़ा है।।
गर होती रहे तुमसे मुलाकात हमारी,
तो जिंदगी में मजा ही मजा है।।

मौत निश्चित है और तुझ पर भी ऐतबार है।
कौन पहले आएगा दोनों का इन्तजार है।।

मंजूर है गर सजा दें दीवाने को।
मगर देख लें प्यार के पैमाने को।।
मिलने की चाह ने दिल कर दिया घायल,
यदि आ मिलो तो भुला दूँ अफ़साने को।।

चाँद चमकता रहा रात खामोशी से ढलती रही।
शमां जुदाई कर बेबस आशिकों पर हँसती रही।।

कभी दिल थाम करके।
कभी आहें भर-भर के।।
लिखता हूँ मैं शायरी,
बस याद तुझे करके।।

आई न कोई खबर मौसम विहार में।
आँखें भी थक गयी किसी के इंतजार में।।
गुजरेगा इस गली से अरमानों का काफिला,
ये आस लिए बैठे हैं दिल-ए-बेक़रार में।।

जुदाई शायरी के जरिए तरह – तरह के ख्याल पढ़ते रहिए।

चले गए दूर तुम कुछ समय के लिए।
दूर रहकर भी हो मेरे करीब हर पल के लिए।।
ऐसा कोई पल नहीं जो आपकी याद न लाए,
मेरे दिल में हो आप हर पल के लिए।।

वो चल पड़े होंगे अपने घर से।
महक उठा गरीबखाना इस खबर से।।
और कब तक इंतजार किया जाए,
पूछ रही हैं नजरें हर एक नजर से।।

दर्द भरी शायरी

याद आती है तेरी पहली मुलाकात मुझे।
चुटकियाँ लेती हैं सजना तेरी हर बात मुझे।।
चाँद उडाता है मेरी प्यासी मौहब्बत का मजाक,
रात भर छेड़ती हैं तारों भरी रात मुझे।।
मेरी भीगी हुई साँसों से धुआँ उठता है,
चैन से जीने नहीं देती है बरसात मुझे।।

किश्ती बहती है किनारे की धार में।
लोग मिलते हैं चाहत की आस में।।
हम हर वक्त मिलते नहीं आपसे,
लेकिन कुछ वक्त बिताते जरूर हैं आपकी याद में।।

आपकी यादों का महल बनाया हमने।
आरजू का दीपक इसमें जलाया हमने।।
ऐ दोस्त तुम्हें मेरी कसम है,
वो लम्हा बता जिसमें मुझे भुलाया तुमने।।

किसी का दिल लेकर तड़फाना अच्छा नहीं।
पास आकर दूर जाना अच्छा नहीं।।
अब तक ही साथ था आपका और मेरा,
हमसे यूं कहकर जाना अच्छा नहीं।।

सितम पर सितम करती जा रही हो।
अपने दिल से हमें जुदा करती जा रही हो।।
तुमसे प्यार करने की यही सजा है क्या,
अपनी कसमों से मुकरती जा रही हो।।

अब न जीएँगे हम तुझे जुदा हो के।
कितने दिन गुजारे तेरी याद में रो-रो के।।
एक तू ही मिली मुझे वफादार सनम,
वर्ना खाये हैं हमने हजारों धोखे।।

अपने दिल को समझाऊँ कैसे।
तुझको सनम भुलाऊँ कैसे।।
आदत हो चुकी है मुझे तेरी,
तेरे बिन जिन्दगी बिताऊँ कैसे।।

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