रवैया (Attitude – एटीट्यूड) शायरी

एटीट्यूड (Attitude) शायरी अर्थात रवैया शायरी हम आपको किस नजरिये से पेश कर रहे हैं और वास्तविक अर्थों में एटीट्यूड शायरी होती क्या है? आपकी सेवा में एटीट्यूड शायरी का यह अद्भुत संग्रह या कलेक्शन (Collection) पेश करने से पहले आपको हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं।

क्योंकि जब आपको यह पता लग जाएगा कि एटीट्यूड (Attitude) शायरी होती क्या है, तो आपको शायरी पढ़ने में ज्यादा आनन्द आएगा। और यदि आप यह शायरी अपने दोस्तों या सम्बन्धियों को भेजते हैं तो आपको आपको उस शायरी के विषय, प्रभाव और प्रयोग के बारे में भी पता होना चाहिए। नहीं तो अर्थ का अनर्थ हो सकता है। या फिर यूँ कहें कि आप शायरी के जरिए से कहना कुछ चाहें और कह कुछ जाएँ।

तो साथियो, मैं इसीलिए आपको बताना चाहता हूँ कि एटीट्यूड (Attitude) का हिंदी में मतलब होता है – रवैया। रवैया से मिलते – जुलते और भी शब्द हैं जैसे – मनोदृष्टि, मनोभाव, नजरिया, दृष्टिकोण। तो दोस्तो, आसान शब्दों में कहूँ तो एटीट्यूड शायरी वह शायरी होती है जिसमें शायर अपने रवैये को या नजरिये को बयां करता है।

कुछ लोग एटीट्यूड का मतलब अकड़ या घमण्ड मानते हैं। और एटीट्यूड शायरी उसे कहते हैं जिसमें शायर अकड़ की बात करता हो, अपने आप को बड़ा, अनोखा या विशेष बताना चाहता हो। शायरी में कुछ ऐसी बात कह जाए कि लोग उसका मुँह ताकते रह जाएँ, कुछ जबाब न दे पाएँ, सामने वाले को नीचा देखना पड़े और शायर गुमान से अपना सीना फुला ले। इसीलिए इसे कुछ लोग अकड़ शायरी भी कहते हैं। लेकिन यह धारणा बिलकुल गलत है।

एटीट्यूड शायरी में शायर अपना रवैया या नजरिया बताता है। जैसे किसी घटना, व्यक्ति या विषय आदि पर उसका क्या ख्याल है। यदि शायर किसी के सम्मान में शायरी लिखता है, किसी घटना की निंदा या तारीफ करता है, कोई शिक्षा या सीख की बात कहता है, तो इस प्रकार बहुत तरह के ख्यालों वाली शायरी एटीट्यूड शायरी ही होती है।

तो दोस्तो, अलग-अलग रवैये की शायरी हम आपके लिए इस संकलन में पेश कर रहे हैं। और आपको बताना चाहते हैं कि यदि आप किसी को एटीट्यूड शायरी वाट्सएप्प आदि पर भेजते हैं तो इससे पता चलता है कि आपका व्यवहार कैसा है, आपकी सोच कैसी है। क्यों कि जैसा जिसका रवैया होगा उसका स्वाभाव भी वैसा ही होगा।

कमी किसी चीज की नहीं है खुदा के खजाने में।
क्या हुनर है खुदा के में ये भी देख लो ज़माने में।।

नजरों में ही स्वर्ग होता है या नरक होता है।
नजरों से ही बेडा पार होता है या गरक होता है।।
तू ही बता मैं तुझे किस नजर से देखूँ,
क्यों कि नजरों में भी बड़ा फरक होता है।।

गुलशने दुनिया से बुल आशियाना छोड़ दें।
नामुमकिन है कि बुलबुल चहचहाना छोड़ दें।।

ऐ चाँद तेरी तो क्या औकात है इस दुनिया में।
कहीं रोशनी तो कहीं रात है इस दुनिया में।।
एक टूटे हुए फूल ने भी एक डाली से यूँ कहा,
ज्यादा सुन्दर होना भी बुरी बात है इस दुनिया में।।

जो प्रीत करना चाहो तो अनरीत करो न।
अनरीत करना चाहो तो प्रीत करो न।।

क्यों रोता है दिल-ए-नादान किसी के मुस्कुराने पर।
करें क्या गिर पडी बिजली हमारे आशियाने पर।।
न जाने क्यूँ हमारे दर्दे दिल की दास्ताँ सुनकर,
जमाना हमपे हँसता है, हम हँसते हैं ज़माने पर।।

फ़कीर हूँ फिर भी दिल है अमीरों का अमीर,
शायद पिछले जन्म में बादशाह था कहीं का।

मेरे यार, जग में ये कैसा व्यवहार होता है।
कोई हँसता है खिल-खिल के कोई बेकार रोता है।।
इंसान को इंसान से भला क्या दुश्मनी,
उस मौत को भी जिंदगी से प्यार होता है।।

दोस्ती की शायरी

कितना कमजोर है यह गुब्बारा, चार सांसों में फूल जाता है।
जरा सी सोहरत क्या मिली, अपनी औकात भूल जाता है।।

देखते ही देखते ढल जाती है।
हाथ से जैसे फिसल जाती है।।
सिर्फ जीने की चाहत में ही,
उम्र सारी निकल जाती है।।

क्या कहा? शराब और ख़राब।
आप शायद ज्यादा पी गए यहीं जनाब।।

महसूस तो कर तुझे खुदा मिलेगा।
हर रूप में लेकिन जुदा मिलेगा।।
करेगा जो बददुआ किसी के लिए तू,
गड्ढा तेरे लिए भी खुदा मिलेगा।।

मदहोश की मजार पर क्यों रोते हो,
जिंदगी में वो क्या कम रोया है।

रवैया (Attitude – एटीट्यूड) शायरी के इस संग्रह में नीति, व्यवहार, मनोविज्ञान आदि से सम्बन्धित शायरियों को सम्मिलित किया गया है।

तुम प्यार चाहते हो तो किसी से प्यार करो,
जिन्दगी प्यारी हो जाएगी।
तुम न्याय चाहते हो तो केवल सच बोलो,
सच्चाई की जीत हो जाएगी।।
तुम उन्नति चाहते हो तो जम कर मेहनत करो,
काम से प्रीति हो जाएगी।
तुम दौलत चाहते हो तो धन खर्च करो
लक्ष्मी स्वयं तुम्हारी हो जाएगी।।
तुम शान्ति चाहते हो तो गलत काम मत करो,
जिन्दगी सुखी हो जाएगी।।

शराबी की जिन्दगी में चैन कहाँ से आए।
ये वो लत है जो जान लेकर जाए।।

जुए जैसा खेल नहीं गर हार न हो तो।
औरत जैसा वजीर नहीं बदकार न हो तो।।
भाई जैसा मेल नहीं तकरार न हो तो।
चोरी जैसा धंधा नहीं सरकार न हो तो।।

मैं सोचता हूँ कि वो लोग जाने क्या होंगे,
जिन्होंने प्यार किया और वो कामयाब हुए।

हर पत्थर चमकदार नहीं होता।
हर चाकू धारदार नहीं होता।।
सोच समझकर दोस्ती करना,
हर शख्स वफादार नहीं होता।।

यह मत समझना तुम्हीं जिन्दगी हो,
बहुत दिन अकेले भी गुजारे हैं।

क्यूँ लगे हो जिंदगी को बुनकर उधेड़ने में।
क्यूँ गँवाते हो समय अपना लड़कियाँ छेड़ने में।।
रखा नहीं कुछ इन बदनाम मुलाकातों में।
यूँ जिन्दगी बिगड़ जाएगी बात ही बातों में।।

वासना की पीछे दीवाना होना मूर्ख की पहचान है।
मुहब्बत करके धोखा देना सबसे बड़ा अपमान है।।

हास्य शायरी

कोई भटकता है दुनिया में धन-दौलत के लिए।
और कोई भटकता है शान-शौकत के लिए।।
लेकिन मेरे समझ में नहीं आता, ऐ दोस्त,
कि तू क्यूँ भटकता है पराई औरत के लिए।।

मुरझाए फूलों पर भँवरे कभी नहीं मँडराते।
मगरूर हसीनों से आशिक दिल नहीं लगाते।।

हर खूबी इंसान में है बिन पर के भी अकल परिंदा है।
बुरी बात को जल्दी पकडे ये मानस एक बात में गन्दा है।।
सब सूरज चाँद इसी के लिए, फिर भी इतना मन्दा है।
बिना गुरू न समझे मानस ऐसा ये गोरख धंधा है।।

जैसे सागर का पानी घड़े में भरा नहीं जा सकता।
हाल दिल का सारा खत में लिखा नहीं जा सकता।।

सपना किसी की आँख के अंदर नहीं मिलता।
शोले धधक रहे हैं समुन्दर नहीं मिलता।।
मुट्ठी में रख सके जो मुकद्दर को बाँध के,
इस दौर में ढूँढें तो भी कोई सिकंदर नहीं मिलता।।

जब दो जवान दिल आँखों से बातें करते हैं।
देख उन्हें ये दुनिया वाले जल जल के मरते हैं।।

दोस्त ही दोस्त का साथ दिया करते हैं।
दोस्त ही दोस्त को गम दिया करते हैं।।
जिन्दगी में कुछ हालत ऐसे भी आते हैं,
जब दोस्त ही दोस्त को बदनाम करते हैं।।

दुनिया वाले मौहब्बत को बदनामी समझते हैं।
लेकिन हम इसे अपनी जिन्दगानी समझते हैं।।

एटीट्यूड शायरी के इस कलेक्शन (collection) में अलग – अलग तरह की शायरी ली गयी हैं।

जो निर्बल की रक्षा करे बलवान वही है।
जो न्याय-नीति की बात करे विद्वान वही है।।
जो वेद शास्त्र में ध्यान धरे सुजान वही है।
जो परहित हेतु कर्म करे इंसान वही है।।

कितनी की तारीफ़ तूने मैं तो उस काबिल नहीं।
बहती धारा हूँ नदी की जिसका कोई साहिल नहीं।।

सब्र कर एक दिन ईश्वर के घर फैसला होगा।
जलाने वाला दुनिया में किसी दिन खुद जला होगा।।
खुद अपनी आँखों से देखोगे तो विश्वास करोगे,
भलाई करने वालों के साथ भला होगा।।

आशिक को चाहिए कि वो सीने को खोल दे।
माशूक को भी चाहिए की वो हँस के बोल दे।।

दिल उसी दीजिए जो प्यार करना जनता हो।
हथियार उसी को दीजिए जो ग़दर करना जानता हो।।
कोई भी चीज इस दुनिया में है बेकाम नहीं,
कुछ भी हो, दीजिए उसी को जो कदर करना जानता हो।।

कभी दिलवर कभी आशिक और कभी दीवाना हूँ।
पर सच ये है कि आप शमां और में परवाना हूँ।।

है अहदे शबाब जिन्दगानी का मजा।
पीरी में कहाँ वो नौजवानी का मजा।।
अब यह भी कोई दिन में फ़साना होगा,
बातों में जो बाकी है कहानी का मजा।।

कुछ आशिक मंजिल के बहुत करीब मरते हैं।
उनमें से ज्यादातर गरीब मरते हैं।।

प्यार मौहब्बत की शायरी

इंतजार बढ़ाता है प्यार में शक्ति।
शक्ति के सामने अड़चनें झुकती।।
गर प्यार हो जाए इंतजार के बिना,
तो प्यार की बहारें सूखी सी लगती।।

न कुछ हँस के सीखो न रो के सीखो।
जो कुछ भी सीखो किसी के होके सीखो।।

इंसान की अहमियत।
बताती है इंसानियत।।
वही है इंसान सच्चा,
जिसकी हो सुथरी नियत।।

ऐ जालिम, गरीब को मत सता, गरीब रो देगा।
सुनेगा उसका खुदा तो दोनों जहाँ से खो देगा।।

इंसान के जीवन में एटीट्यूड बहुत मायने रखता है। इसीलिए एटीट्यूड शायरी भी हर इंसान के लिए बहुत अहम है। एटीट्यूड या रवैया शायरी के इस संग्रह को पूरा पढ़ें।

चमकता है चाँद अँधेरे के बीच में।
कमल हमेशा खिलता है कीच में।।
अज्ञान में होता ज्ञान का असर,
होते हैं सज्जन दुर्जनों के बीच में।।

इंसान मौहब्बत में कोई काम तो कर जाए।
या तो ढूँढ ले साहिल को या डूब के मर जाए।।

दर्द भरी शायरी

दिल में हर राज दबाकर रख लेना।
होठों पर मुस्कान सजाकर रख लेना।।
ये जमाना सिर्फ खुशी में ही साथ देता है,
आँसुओं को आँखों में दबाकर रख लेना।।

अरे आशिक मत बना दर्द भरी गजल वरना तेरी गुजारिश खुदा तक पहुँच जाएगी।
आप तो सीधे जन्नत में जाओगे पर वो बेवफाई के जुर्म में जहन्नुम चली जाएगी।।

मौहब्बत की जुदाई बर्दाश्त करना मुश्किल है।
परदेशी से प्यार की आस करना मुश्किल है।।
आज हमारे हैं कल किसी और के हो जाएँगे,
इसीलिए बेवफाओं का विश्वास करना मुश्किल है।।

दुःख के आने पर जो मुस्कुरा नहीं सकता।
वह अपने आप को सुखी बना नहीं सकता।।

एटीट्यूड शायरी पढ़कर आपको कैसा लग रहा है। कृपया कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें।

गर तेरा हुस्न जलवा न दिखाता तो ये दुनिया भी नहीं जलती।
प्यार के नाम पर बदनजर की तकलीफ न मिलती।।
कहते हैं आशिक तू बसी है मेरे दिल में
यूँ जगह – जगह बसने की सजा नहीं मिलती।।

हमें दुनिया के झमेलों का कोई अहसास नहीं,
एक कोने में अलग सबसे जुदा बैठे हैं।

हर रात काली नहीं होती।
हर सुबह सूरज की लाली नहीं होती।।
सच्चे दिल से हो अगर कोई दुआ,
तो वो फिर कभी खाली नहीं होती।।

बैठी हूँ मरी याद में जिन्दा न समझना,
मिलते हैं मिलने वाले ऐतबार कीजिए।

इश्क शायरी संग्रह

हर राह की मंजिल नहीं पर चलना तो सभी को है।
हर दिल को दिलवर का साथ नहीं पर धड़कना तो सभी को है।।
भले ही न हो मुलाकात महबूब से इंतजार तो सभी को है।
कोई कह दे कोई छिपा ले पर, किसी न किसी से प्यार तो सभी को है।।

मुसीबत के आलम में साथ देता है कोई – कोई।
प्यार तो सभी करते हैं, निभाता है कोई – कोई।।

यही शान है कि लोगों की दुआ मिलती है।
जिसकी जड़ मजबूत हो उसकी इमारत हिलती है।।
जो शख्स गिर जाए ज़माने की नज़रों में,
फिर उसको इज्जत नहीं मिलती है।।

अपने – अपने काम पर मजबूत हम दोनों रहे।
जुल्म हम सहते रहे, जुल्म वो ढाते रहे।।

वो बारिश ही क्या जिसमें भीगा न हो।
वो बिछुड़ना ही क्या जिसमें आँसू न हो।।
इसे ही कहते हैं बेबशी कि कोई याद तो आए।
पर चाहते हुए भी उससे मिला न जाए।।

दिल दे तो इस मिजाज का परवर दिगार दे।
जो गम की घड़ियाँ भी खुशी में गुजार दे।।

क्यों रहते हो तन्हाइयों में।
क्यों खोते हो परछाइयों में।
थाम लो जिंदगी जो गुजर रही है,
रहो न यूँ बर्बादियों में।।

अपना हर अन्दाज आँखों को तरोताजा लगा।
कितने दिन के बाद मुझको आइना अच्छा लगा।।

मेरे आँगन में इश्क की बरसात होती है।
अनदेखी हुस्न की बारात होती है।।
ऐ आशिक मुझसे मौहब्बत मत करना,
क्यों कि तेरे जैसों की ही हालत ख़राब होती है।।

नहीं – नहीं हमें अब तेरी आरजू भी नहीं,
तुझे भी भूल गए हम तेरी खुशी के लिए।

समुन्दर में किश्तियाँ डूब जाती हैं।
बड़ी मुश्किल से उभर पाती हैं।
पूछना हो, तो पूछो तजुर्बे वाले लोगों से,
निकली हुई घड़ी बड़ी मुश्किल से हाथ आती है।।

भटक न जाऊँ कहीं अजनबी अंधेरों में,
बुझे बुझे से चिरागों की लौ बढ़ा लीजिए।

बिगड़ी में हर सहारा छूट जाता है।
यार-रिश्तेदार का नाता टूट जाता है।।
बिगड़ी तो वो बला है दोस्तो,
जिसमें खुदा भी रूठ जाता है।।

जब तक दिल बका न था तो कोई पूछता न था,
खरीदकर तूने मुझे अनमोल बना दिया।

मौत को कभी जिंदगी से प्यार नहीं होता है।
दर्द से दर्द का कभी शृंगार नहीं होता है।।
टूट जाएँ जो समय की आँधियों के साथ,
बस ख्वाहिश है प्यार की, वह प्यार नहीं होता है।।

जब देखता हूँ तेरी शक्ल को महबूब मैं,
समझ लेता हूँ कि जन्नत में आ गया।

गर जो देते हैं दिल यारों को।
मिलता है प्यार उन्हीं दिलदारों को।।
जिनको दिल देने लायक दिया न खुदा ने,
तो क्या करता नहीं प्यार कोई उन बेसहारों को।।

धड़कते दिल की धड़कनें भला कब तक दबाओगे।
यह शोला और भड़केगा इसे जितना छुपाओगे।।

जो दिल की लगी को दिल में दबा ले।
दिल की लगी से ही दिल लगा ले।।
दिल की लगी जब समा जाए दिल्लगी में,
हो के मेहरबां खुदा खुद आ के सँभाले।।

मौहब्बत है उन लोगों से जो चोरी करते हैं।
दिन दहाड़े जो सीना जोरी करते हैं।
लेकिन चोर तो हैं सिर्फ मेरी नजर में,
जो दिलों की चोरी करते हैं।।

जुल्म नहीं है चुराना दिल किसी का।
दिल समझकर मत चुरा नादिल किसी का।।
अगर रख न सके हिफाजत से,
भूल कर भी चुरा ना दिल किसी का।।

किसे दूँ सौगात, क्यों कब और कहाँ।
हमारी कामयाबी पर जलता है जहां।
चाहत है मेरी उस मुल्क में बसने की,
रिवाज हो बधाई देने का जहाँ।।

सब मर्यादा तोड़कर, हम इश्क के पीछे भाग पड़े।
राह में कुछ दर्दीले से हमें सुनाई राग पड़े।।
बदनामी है, बर्बादी है और कुछ भी नहीं,
बस इतनी सुनकर जाग पड़े।।

जिंदगी तिनका समझकर आँसुओं में मत बहाना।
जिंदगी पुर्जा समझकर आग में मत जलाना।।
जिंदगी के मायने जिंदादिली के साथ हैं,
जिंदगी को सिगरेट का धुंआ समझकर मत उड़ाना।।

आपसे कुछ बात करना चाहता हूँ।
सिर्फ एक मुलाकात करना चाहता हूँ।।
गम तो दे देता है हर कोई मुफ्त में,
मैं तुम्हें खुशियाँ देना चाहता हूँ।।

गुलिस्तां से पूछिए न गुल से पूछिए।
चमन का उजड़ जाना बुलबुल से पूछिए।।

गुजरे हुए लम्हों को भुलाया नहीं जाता।
जो दिल से चाहे उसे ठुकराया नहीं जाता।।
मिलते हैं बहुत कम ऐसे चाहने वाले,
हँसते हुए दिल को रुलाया नहीं जाता।।

तुमसे बिछुड़कर मैं जिन्दा न रह पाऊँगा।
गैर का दामन थामोगी तो कब्र मैं सो जाऊँगा।।

चले जाओगे एक दिन तुम हमें छोड़कर।
भूल जाओगे तुम हमारा दिल तोड़कर।।
इतने करीब न आओ तुम हमारी तलाश में,
वर्ना हम चले जाएँगे ये शहर छोड़कर।।

कसूर था मेरी आँखों का सजा दिल को मिल गयी,
तुझे देखकर भूल गया मैं अपनी हर मंजिल को।

ऐ शहर वालो, मेरी खताओं को माफ़ कर देना।
इस गरीब के लिए थोड़ी से फ़रियाद कर देना।।
मिला लेना मुझे भी अपने साथ भीड़ में,
ख़ताएँ भुलाकर आप इतना एहसान कर देना।।

हो न यकीन तो देख लो, तुम मेरे सीने को चीरकर।
आ जाएगा तुम्हें यकीन इसमें अपनी तस्वीर देखकर।।

दुश्मन को क्यों दोस्त का नाम देते हो।
क्यों ये इल्जाम दोस्ती के नाम करते हो।।
समझ नहीं तुम्हें दोस्ती और दुश्मनी की तो,
यूँ ही दोस्ती को क्यों बदनाम करते हो।।

उम्मीदों के चिराग मुकम्मल बुझे भी नहीं।
हवा भी नहीं है पर यकीन भी नहीं।।

जुगनू आफ़ताब नहीं होता।
भिखारी नबाब नहीं होता।।
गुलाब चमन में ढेरों होंगे,
कीचड़ में गुलाब नहीं होता।।

उनसे न शिकायत न ज़माने से कुछ गिला,
देखा जो उनको खुद मेरी तबियत मचल गई।

कोई फूलों से प्यार करता है।
कोई काँटों से प्यार करता है।।
हम उनसे प्यार करते हैं,
जो हमसे प्यार करता है।।

प्रतिक्रिया दें

संपर्क में रहें
     
नई पोस्ट ईमेल पर पाएँ