रचना सूची

शांति

स्‍वर्गीय देवनाथ मेरे अभिन्‍न मित्रों में थे। आज भी जब उनकी याद आती है, तो वह रंगरेलियां आँखों में फिर जाती हैं, और कहीं एकांत में जाकर जरा रो लेता हूँ। बहुत देर रो लेता हूं। हमारे बीच में दो –...

प्यार मौहब्बत की शायरी (संग्रह)

शायरी और मौहब्बत के बीच के सम्बन्ध को एक शायर ने इस तरह बयां किया है – शायरी बिना मौहब्बत अधूरी हो गयी। शायरी की तो मौहब्बत पूरी हो गयी।। कामयाब करने के लिए मौहब्बत को, शायरी सबसे ज्यादा जरूरी...

आत्म-संगीत

आधी रात थी। नदी का किनारा था। आकाश के तारे स्थिर थे और नदी में उनका प्रतिबिम्ब लहरों के साथ चंचल। एक स्वर्गीय संगीत की मनोहर और जीवनदायिनी, प्राण – पोषिणी घ्वनियॉँ इस निस्तब्ध और तमोमय दृश्य पर...

हास्य कहानियाँ – लोटपोट कर देने वाली बकरूदीन की कथाएँ

जैसा कि आप जानते होंगे आजकल के तनावपूर्ण दौर में पाठक हास्य कहानियाँ या कॉमेडी बहुत पसंद करते हैं। उनकी इस माँग और रूचि को ध्यान में रखते हुए हमने यह हास्य कहानियों का संग्रह तैयार किया है। हास्य...

आख़िरी मंज़िल

आह? आज तीन साल गुजर गए, यही मकान है, यही बाग है, यही गंगा का किनारा, यही संगमरमर का हौज। यही मैं हूँ और यही दरोदीवार। मगर इन चीजों से दिल पर कोई असर नहीं होता। वह नशा जो गंगा की सुहानी और हवा के...

रचनात्मक सहयोग हेतु आह्वान

सप्रेम नमस्कार, सभी हिन्दी प्रेमियों को सूचित किया जाता है कि एक प्रगतिशील वेबसाइट (ई-पत्रिका या ब्लॉग) www.hforhindi.com के सौजन्य से उपयुक्त हिन्दी साहित्य व अन्य हिन्दी लेखों (जैसे –...

बेवफा शायरी संग्रह

वफाई और बेवफाई के किस्से मौहब्बत के सिलसिले में अकसर आते रहते हैं। जब कोई प्यार में धोखा दे जाए तो उसे बेवफा कहते हैं। बेवफाई का दर्द हर किसी से नहीं सहा जाता। इसी दर्द का इजहार करने के लिए शायरों ने...

मुंशी प्रेमचंद जी का संपूर्ण जीवन परिचय

मुंशी प्रेमचंद जी का हिंदी साहित्य में अद्वितीय स्थान है। उनका नाम उन शीर्षस्थ रचनाकारों में गिना जाता है, जिन्हें हिंदी साहित्य के उत्थान हेतु हमेशा याद किया जाता रहेगा। इसीलिए साहित्य प्रेमियों के...

आख़िरी तोहफ़ा

सारे शहर में सिर्फ एक ऐसी दुकान थी, जहॉँ विलायती रेशमी साड़ी मिल सकती थीं। और सभी दुकानदारों ने विलायती कपड़े पर कांग्रेस की मुहर लगवायी थी। मगर अमरनाथ की प्रेमिका की फ़रमाइश थी, उसको पूरा करना जरुरी...

रवीन्द्रनाथ टैगोर की आत्मकथा – पिता जी के साथ प्रवास

मेरे सिर मुंडन के कारण, मौजी बंधन समारम्भ के बाद मुझे एक बड़ी चिंता उत्पन हुई। गाय के दूध से तैयार होने वाले सन्देश, रसगुल्ला आदि पदार्थों के सम्बन्ध में यूरेशियन लडकों का कितना ही अच्छा मत हुआ तो भी...

अमृत

मेरी उठती जवानी थी जब मेरा दिल दर्द के मजे से परिचित हुआ। कुछ दिनों तक शायरी का अभ्यास करता रहा और धीर – धीरे इस शौक ने तल्लीनता का रुप ले लिया। सांसारिक संबंधो से मुंह मोड़कर अपनी शायरी की...

हिंदी के प्रसिद्ध व महान कवि-कवयित्री और उनका जीवन परिचय

हिंदी भाषा के साहित्य में अनेक कवि-कवयित्रियों ने अपना योगदान दिया। है। जब साहित्य प्रेमी सर्वश्रेष्ठ श्रेणी का साहित्य पढ़ना चाहते हैं तो मन में सबसे पहले एक ही प्रश्न आता है – हिंदी...

आत्मकथा क्या है? संक्षिप्त व पूर्ण जानकारी

आत्मकथा गद्य की एक नवीन विधा है। यह उपन्यास कहानी-जीवनी की भाँति लोकप्रिय है। इसमें लेखक अपनी अन्तरंग जीवन-झाँकी चित्रित करता है और व्यक्ति, समाज, समूह के विषय में निजी अनुभूतियों को शब्द चित्रों के...

अनुभव

प्रियतम को एक वर्ष की सजा हो गयी। और अपराध केवल इतना था, कि तीन दिन पहले जेठ की तपती दोपहरी में उन्होंने राष्ट्र के कई सेवकों का शर्बत – पान से सत्कार किया था। मैं उस वक्त अदालत में खड़ी थी।...

सूचना प्रौद्योगिकी के युग में संयुक्त परिवार

परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है जहां से व्यक्ति संस्कारवान होकर मानव एवं संपूर्ण सृष्टि के बारे में ज्ञानार्जन करता है। भारत प्राचीन काल से ही संयुक्त परिवार की इस सभ्य परंपरा को सहेजता...

बाल कविताओं का संग्रह

इस संकलन में हमने बच्चों की रूचि और मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए सरल, मनोरंजक, शिक्षाप्रद और रोचक बाल कविताएँ प्रस्तुत की हैं। इनमें अधिकतम लोकप्रिय कविताएँ हैं जो कि प्रसिद्ध कवियों द्वारा लिखी...

हमारी अंतरा

अंतरा के माता–पिता नहीं थे। वह अपने चाचा–चाची के साथ रहती थी। चाची में अंतरा अपनी माँ की छवी को ही देखती थी पर उसकी चाची उससे घर का सारा काम करवाती थी। साथ ही बोलती भी रहती, न जाने क्या...

अनाथ लड़की

सेठ पुरुषोत्तमदास पूना की सरस्वती पाठशाला का मुआयना करने के बाद बाहर निकले तो एक लड़की ने दौड़कर उनका दामन पकड़ लिया। सेठ जी रुक गये और मुहब्बत से उसकी तरफ देखकर पूछा – क्या नाम है? लड़की ने...

आधुनिक हिंदी कविता के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी – इतिहास और विकास

दसवीं शताब्दी से ही हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार आदि प्रदेशों के क्षेत्र में हिंदी भाषा बोली और लेखन के कामकाज में प्रयुक्त की जाती रही है। ब्रज...

काउण्टर साइन

बाबू रामलाल पिछले छः महीने से बीमार हैं। कमज़ोर तो पहले से ही थे मगर इस बीमारी ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है। बेचारे सूख कर काँटा हो गए हैं। मैं बाबू रामलाल को पिछले तीन साल से जानता हूँ। वे मेरे...

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